1एक वाक्य में
Seedance प्रॉम्प्ट एक बहता हुआ पैराग्राफ़ होता है, इस क्रम में: विषय, एक्शन, जगह, कैमरा, रोशनी, मूड, फिर काम की बातें, सीधे-सादे भौतिक शब्दों में और बिना शायरी के।
2नए शब्द
- विषय (Subject) — तस्वीर की मुख्य चीज़: एक ब्रेड, एक इंसान, एक कप कॉफ़ी।
- एक्शन (Action) — क्लिप के दौरान विषय क्या करता है। "भाप उठती है" भी एक एक्शन है।
- कैमरा मूव (Camera move) — काल्पनिक कैमरा कैसे चलता है: push-in, pull-back, pan, orbit, handheld, locked-off। अध्याय 1.7 में एक सूची है।
- नेगेटिव लाइन (Negative line) — आख़िर का एक छोटा वाक्य जो बताता है कि आप क्या नहीं चाहते ("कोई टेक्स्ट नहीं, कोई एक्स्ट्रा हाथ नहीं")। Seedance में इसके लिए अलग बॉक्स नहीं है; यह प्रॉम्प्ट के अंदर ही जाता है।
3यह आपके काम का क्यों है
Seedance आपके पैराग्राफ़ को वैसे पढ़ता है जैसे फ़िल्म की टीम शॉट लिस्ट पढ़ती है। अगर सूची में कोई कमी है (रोशनी नहीं, कैमरा नहीं), तो मॉडल अंदाज़ा लगाता है, और उसके अंदाज़े ही वे अजीब हिस्से हैं जो आपको दिखेंगे। अगर सूची उलझी हुई है, तो वह एक्शन ग़लत क्रम में कर सकता है। एक साफ़ पैराग्राफ़ ज़्यादातर ख़राब क्लिप को बनने से पहले ही ठीक कर देता है।
4वह क्रम जो काम करता है
| हिस्सा | सैम की बेकरी का उदाहरण |
|---|---|
| विषय | ताज़ा सावरडो ब्रेड |
| एक्शन | ऊपर की परत से भाप उठती है; दाँतेदार चाकू वाला एक हाथ एक स्लाइस काटता है |
| जगह | एक छोटी बेकरी में घिसे हुए लकड़ी के काउंटर पर, पीछे ब्रेड से भरी अलमारियाँ |
| कैमरा | कमर की ऊँचाई से धीरे-धीरे पास आता है, कटे हिस्से के क्लोज़-अप पर ख़त्म |
| रोशनी | बाईं ओर की खिड़की से सुबह की हल्की धूप, गर्म परछाइयाँ |
| मूड | शांत, गर्मजोशी भरा, घर जैसा |
| काम की बातें | 8 सेकंड, खड़ा 9:16, सिर्फ़ किचन की नैचुरल आवाज़ें, कोई म्यूज़िक नहीं, कोई टेक्स्ट नहीं |
एक पैराग्राफ़ में जोड़कर: एक छोटी बेकरी में घिसे हुए लकड़ी के काउंटर पर ताज़ा सावरडो ब्रेड रखी है, पीछे ब्रेड से भरी अलमारियाँ हैं। ऊपर की परत से भाप उठती है, फिर दाँतेदार चाकू वाला एक हाथ एक स्लाइस काटता है और परत चटकती है। कमर की ऊँचाई से कैमरा धीरे-धीरे पास आता है, कटे हिस्से के क्लोज़-अप पर ख़त्म होता है। बाईं ओर की खिड़की से सुबह की हल्की धूप, गर्म परछाइयाँ। शांत, गर्मजोशी भरा, घर जैसा मूड। 8 सेकंड, खड़ा 9:16, सिर्फ़ किचन की नैचुरल आवाज़ें, कोई म्यूज़िक नहीं, कोई टेक्स्ट नहीं, कोई एक्स्ट्रा हाथ नहीं।
5अभी आज़माएँ
- ऊपर वाला पैराग्राफ़ Draft वर्ज़न पर, 8 सेकंड, ऑडियो चालू करके चलाएँ।
- अब कैमरा और रोशनी वाले वाक्य हटा दें और फिर से चलाएँ।
- तुलना करें। दूसरी क्लिप में आम तौर पर कैमरा भटकता है और रोशनी सपाट होती है।
6आपको क्या दिखेगा
पूरा प्रॉम्प्ट ऐसी क्लिप देता है जो एक ही दिशा में चलती है, जिसमें चाकू सही समय पर आता है और काटते समय हल्की चटक सुनाई देती है:

छोटे किए प्रॉम्प्ट में ब्रेड तो अब भी दिखती है, लेकिन शॉट बेमक़सद लगता है।
7ध्यान दें
- सिर्फ़ मूड वाले शब्द ("सिनेमैटिक", "ड्रामैटिक", "सुंदर") ज़्यादा कुछ नहीं करते। इनके बजाय रोशनी कहाँ से और किस दिशा से आ रही है, यह बताएँ।
- हर कुछ सेकंड में एक एक्शन। 5 सेकंड में दस छोटी-छोटी हलचलों की सूची से झटकेदार क्लिप बनती है।
8और आगे
जब शब्दों से ज़्यादा तस्वीर मायने रखती हो, तो किसी फ़ोटो से शुरू करें। अध्याय 1.6 बताता है कैसे।
